‘अख़लाक़’ पर लिखी किताब भारत में क़ानून के राज के दरकने की कथा है
कभी-कभार | अशोक वाजपेयी: पत्रकार दयाशंकर मिश्र की नई पुस्तक 'अख़लाक़' एक स्तर पर सभ्यता के नैतिक अध:पतन का वृत्तांत है. यह भारत-दुर्दशा की कथा तो है ही- हिंदू मानवीयता, हिंदू अंतःकरण और हिंदू विवेक के पतन की क्रूर कहानी भी है.
यह The Wire Hindi की एक रिपोर्ट का छोटा अंश है। पूरा पाठ प्रकाशक के पास रहता है — उसे वहीं पढ़ने के लिए लिंक पर जाएं।
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