हाई प्रोडक्टिविटी और ज्यादा एनर्जी से खुश होने की जरूरत नहीं, कई बार होता है हाइपोमेनिया, पहचानना मुश्किल
कई बार लगातार ज्यादा काम करना, कम समय में कई टास्क पूरे करना और एनर्जी से भरा महसूस करना व्यक्ति को बेहद प्रोडक्टिव बना सकता है। लेकिन, अगर इसी दौरान नींद की जरूरत अचानक कम हो जाए, आईडिया बहुत तेजी से आने लगें, बातचीत बढ़ जाए और व्यक्ति सामान्य से ज्यादा आत्मविश्वासी हो जाए, तो यह केवल हाई प्रोडक्विटी नहीं बल्कि…
यह Navbharat Times की एक रिपोर्ट का छोटा अंश है। पूरा पाठ प्रकाशक के पास रहता है — उसे वहीं पढ़ने के लिए लिंक पर जाएं।
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