क्यों नहीं बन रहे सस्ते घर, कैसे महंगाई और 50% टैक्स तोड़ रहा आशियाने का सपना? किसने की ₹45 लाख की लिमिट हटाने की मांग
Affordable Housing India: क्रेडाई ने कहा है कि महंगे कच्चे माल और 30-50% तक टैक्स के कारण डेवलपर्स सस्ते घर नहीं बना पा रहे हैं, जिससे किफायती घरों की हिस्सेदारी घटकर 14% रह गई है। संगठन ने सरकार से सस्ते घरों की परिभाषा बदलने, 45 लाख रुपये की सीमा हटाने और आपूर्ति-मांग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने की अपील की है।
यह Dainik Jagran की एक रिपोर्ट का छोटा अंश है। पूरा पाठ प्रकाशक के पास रहता है — उसे वहीं पढ़ने के लिए लिंक पर जाएं।
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