पिता की फसल सड़ते देख बेटी ने बना दिया Godaam Sense, 23 वर्षीय कल्याणी की तकनीक का टाटा भी मुरीद
पिता की गाढ़ी मेहनत से उगी प्याज की फसल को अपनी आंखों से सड़ता देख और उसकी वजह से परिवार पर आने वाले आर्थिक बोझ को महसूस कर कल्याणी ने तकनीक की मदद लेने की सोच ली थी। 23 साल की युवा इंजीनियर की इस सोच से ही GodamSense नाम की तकनीक सामने आई है, जो प्याज की फसल की बर्बादी को 25% तक कम कर पाई है।
यह Navbharat Times की एक रिपोर्ट का छोटा अंश है। पूरा पाठ प्रकाशक के पास रहता है — उसे वहीं पढ़ने के लिए लिंक पर जाएं।
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